पड़ोस में बेटी की शादी की हल्दी का शुभ अवसर है। पूरे मोहल्ले में खुशी का माहौल है। ऐसे में बहू अपने हाथों से पारंपरिक मीठे गुलगुले बनाती है। गुलगुलों की खुशबू पूरे आंगन में फैल जाती है और जो भी उनका स्वाद चखता है, बहू की जमकर तारीफ करता है। यह कहानी परिवार, अपनापन, पारंपरिक स्वाद और रिश्तों की मिठास से भरपूर है।

